UPPSC पीसीएस संयुक्त राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2023 पैटर्न
UPPSC पीसीएस संयुक्त राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2023 पैटर्न
AMIT KOHLI
UPPSC परीक्षा पैटर्न: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) विभिन्न प्रांतीय सिविल सेवा पदों के लिए UPPSC पीसीएस संयुक्त राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा तीन चरणों में, अर्थात प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार आयोजित करता है। UPPSC पीसीएस परीक्षा 2023 में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों के लिए UPPSC परीक्षा पैटर्न 2023 को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है। मीडिया में हाल ही में UPPSC के वैकल्पिक विषयों को हटाने की खबरों के संदर्भ में यूपी पीसीएस परीक्षा पैटर्न भी महत्वपूर्ण हो जाता है। उम्मीदवारों को इस लेख में UPPSC परीक्षा पैटर्न पीडीएफ के साथ प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार के लिए UPPSC परीक्षा के विस्तृत पैटर्न 2023 के बारे में सभी जानकारी मिल जाएगी।
UPPSC परीक्षा पैटर्न 2023
UPPSC परीक्षा पैटर्न में UPPSC प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न, UPPSC मुख्य परीक्षा पैटर्न एवं UPPSC साक्षात्कार पैटर्न शामिल हैं। UPPSC परीक्षा में सफल होने के लिए उम्मीदवारों को UPPSC के प्रश्न पत्र के पैटर्न की स्पष्ट समझ हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए। इस लेख में उम्मीदवारों को UPPSC पीसीएस परीक्षा 2023 के UPPSC प्रारंभिक परीक्षा के विस्तृत पैटर्न के बारे में पता चलेगा। UPPSC पैटर्न की समझ से उन्हें अपनी अध्ययन सामग्री को तदनुसार व्यवस्थित करने एवं परीक्षा के लिए अधिक प्रभावी तरीके से तैयारी करने में सहायता मिलेगी।
UPPSC परीक्षा पैटर्न के प्रमुख विवरण
UPPSC परीक्षा का नया पैटर्न UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तर्ज पर तैयार किया गया है। UPPSC 2023 परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाएगी:
UPPSC पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 – 2 पेपर – बहुविकल्पीय प्रश्न (मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन/MCQs)
UPPSC पीसीएस मुख्य परीक्षा 2023 – 8 पेपर – निबंध / वर्णनात्मक प्रकार
साक्षात्कार
UPPSC पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न
UPPSC प्रारंभिक परीक्षा वर्ष 2023 की IAS परीक्षा की तर्ज पर आयोजित की जाएगी। प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होंगे जिनमें से CSAT का पेपर क्वालीफाइंग प्रकृति का होगा। UPPSC प्रारंभिक परीक्षा का नया पैटर्न नीचे दी गई तालिका में प्रदान किया गया है।
UPPSC परीक्षा पैटर्न 2023 - प्रारंभिक परीक्षा
परीक्षा का नाम - UPPSC संयुक्त राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा
UPPSC पीसीएस प्रारंभिक 2023 में पत्रों की संख्या - 2
पेपर 1 – सामान्य अध्ययन
पेपर 2 – सीसैट
UPPSC पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा तिथि 2023 - जून 2023
(वास्तविक तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी)
UPPSC पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 की अवधि
पेपर 1 – 9.30 पूर्वाह्न – 11.30 पूर्वाह्न
पेपर 2 – अपराह्न 2.30 बजे – शाम 4.30 बजे
UPPSC पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 में अधिकतम अंक
दोनों प्रश्न पत्र 200 अंकों के होंगे।
हालांकि, कट-ऑफ की गणना के लिए केवल प्रथम प्रश्न पत्र पर विचार किया जाएगा जो
अंततः मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों का निर्णय करेगा।
पेपर 2 एक अर्ह (क्वालीफाइंग) पेपर है जहां एक उम्मीदवार को मुख्य
परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 33% प्राप्त करना होता है।
UPPSC पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 में प्रश्नों की संख्या -
पेपर- I सामान्य अध्ययन 150 प्रश्नों का
होगा
पेपर- II CSAT 100 प्रश्नों का होगा
UPPSC पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 के प्रश्नों
की प्रकृति - सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ
प्रकार के होंगे जहां एक उम्मीदवार को दिए गए विकल्पों में से एक सही विकल्प को
चिन्हित करना होगा।
यूपीपीएससी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2023 में ऋणात्मक अंकन - UPPSC पीसीएस परीक्षा के नए पैटर्न के
अनुसार, प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.33% ऋणात्मक अंकन होगा। इसका तात्पर्य
है कि प्रत्येक 3 गलत उत्तरों के लिए, उम्मीदवार 1 सही प्रश्न के अंक खो देंगे।
यूपीपीएससी पीसीएस मुख्य परीक्षा पैटर्न
प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उम्मीदवारों को UPPSC मुख्य परीक्षा के लिए आमंत्रित किया जाएगा जो वर्णनात्मक प्रकृति की होगी। UPPSC 2023 मुख्य परीक्षा का पैटर्न नीचे दिया गया है।
UPPSC परीक्षा पैटर्न 2023- मुख्य परीक्षा
परीक्षा का नाम UPPSC संयुक्त राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा मुख्य (लिखित) परीक्षा
UPPSC पीसीएस मुख्य परीक्षा में प्रश्न पत्रों की संख्या आठ:
सामान्य हिन्दी - 150 अंक
निबंध - 150 अंक
सामान्य अध्ययन I - 200 अंक
सामान्य अध्ययन II - 200 अंक
सामान्य अध्ययन III - 200 अंक
सामान्य अध्ययन IV - 200 अंक
सामान्य अध्ययन- V - 200 अंक
सामान्य अध्ययन- VI - 200 अंक
UPPSC पीसीएस मुख्य परीक्षा की अवधि 3 घंटे प्रत्येक: सभी पेपर एक सप्ताह में आयोजित किए जाएंगे।
पहली पाली- प्रातः 9.30 बजे से अपराह्न 12.30 बजे तक
दूसरी पाली- अपराह्न 2 बजे से शाम 5 बजे तक
UPPSC पीसीएस मुख्य परीक्षा में अधिकतम अंक
सामान्य हिंदी: 150 अंक
निबंध: 150 अंक
सामान्य अध्ययन के सभी प्रश्नपत्र एवं वैकल्पिक विषय के प्रश्न पत्र:
प्रत्येक 200 अंक
कुल: 1500 अंक (150+150+ 1200)
UPPSC पीसीएस मुख्य परीक्षा का प्रकार - पेन एवं पेपर आधारित
UPPSC पीसीएस मुख्य परीक्षा के प्रश्नों की प्रकृति - वर्णनात्मक अथवा लिखित
UPPSC पीसीएस मुख्य परीक्षा के वैकल्पिक विषय - UPPSC परीक्षा के नए पैटर्न के अनुसार, UPPSC के
वैकल्पिक विषयों के प्रश्न पत्र हटा दिए गए हैं। UPPSC वैकल्पिक विषय के
प्रश्न पत्रों के स्थान पर, अब यूपी पीसीएस परीक्षा पैटर्न में राज्य
विशिष्ट जीएस के दो प्रश्न पत्र जोड़े गए हैं।
UPPSC पाठ्यक्रम 2023
UPPSC संयुक्त राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा UPPSC द्वारा तीन चरणों में आयोजित की जाती है। प्रत्येक चरण के लिए पाठ्यक्रम थोड़ा भिन्न होता है, हालांकि यह मामूली अंतर अंतिम योग्यता सूची का निर्धारण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए उम्मीदवारों को UPPSC पाठ्यक्रम से पूर्ण रूप से परिचित होना चाहिए। नीचे, हमने UPPSC पीसीएस 2023 परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों के लिए UPPSC 2023 का विस्तृत पाठ्यक्रम प्रदान किया है।
UPPSC प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम
UPPSC पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के प्रथम प्रश्न पत्र को कट-ऑफ की गणना के लिए माना जाएगा जो अंततः मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों का फैसला करेगा। पेपर 2 एक क्वालीफाइंग पेपर होगा जहां एक उम्मीदवार को मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करने होंगे। UPPSC सामान्य अध्ययन 1 एवं सामान्य अध्ययन 2 का पाठ्यक्रम नीचे दिया गया है।
सामान्य अध्ययन पेपर 1 के लिए UPPSC प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम
राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाओं पर, उम्मीदवारों से उनके बारे में ज्ञान होने की अपेक्षा की जाएगी।
भारतीय इतिहास: प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक: इतिहास में भारतीय इतिहास के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक पहलुओं की व्यापक समझ पर जोर दिया जाना चाहिए। भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में, उम्मीदवारों से अपेक्षा की जाती है कि वे स्वतंत्रता आंदोलन की प्रकृति एवं चरित्र, राष्ट्रवाद के विकास तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के बारे में एक संक्षिप्त दृष्टिकोण रखें।
भारत एवं विश्व भूगोल- भारत एवं विश्व का भौतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल: विश्व भूगोल में केवल विषय की सामान्य समझ की अपेक्षा की जाएगी। भारत के भूगोल पर प्रश्न भारत के भौतिक, सामाजिक एवं आर्थिक भूगोल से संबंधित होंगे।
भारतीय शासन एवं राजव्यवस्था: इसमें भारतीय राज व्यवस्था, अर्थव्यवस्था एवं संस्कृति का विवरण शामिल है, प्रश्न पंचायती राज एवं सामुदायिक विकास , भारत में आर्थिक नीति की व्यापक विशेषताएं तथा भारतीय संस्कृति, राजनीतिक व्यवस्था, संविधान, सार्वजनिक नीति, पंचायती राज, अधिकार मुद्दे, इत्यादि सहित देश की राजनीतिक व्यवस्था के ज्ञान का परीक्षण करेंगे।
सामाजिक एवं आर्थिक विकास: सतत विकास, निर्धनता उन्मूलन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल, इत्यादि। पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन पर सामान्य मुद्दे- जिनके लिए विषय विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं है।
पर्यावरण पारिस्थितिकी, जलवायु परिवर्तन एवं जैव विविधता – सामान्य मुद्दे जिनके लिए विषय विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं है: प्रश्न जनसंख्या, पर्यावरण एवं शहरीकरण के मध्य समस्याओं एवं संबंधों के संबंध में होंगे। पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव-विविधता एवं जलवायु परिवर्तन पर सामान्य मुद्दे – जिनके लिए विषय विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं है, उम्मीदवारों से विषय की सामान्य जागरूकता अपेक्षित है।
CSAT पेपर के लिए UPPSC प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम
अवबोध
अंतर वैयक्तिक कौशल (संचार कौशल सहित)
विश्लेषणात्मक क्षमता एवं तार्किक तर्कणा
समस्या समाधान एवं निर्णय निर्माण
सामान्य मानसिक अभियोग्यता
प्राथमिक गणित (कक्षा X स्तर – बीजगणित, सांख्यिकी, ज्यामिति एवं अंकगणित):
सामान्य अंग्रेजी (कक्षा X स्तर)
सामान्य हिंदी (X कक्षा स्तर)
UPPSC मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम
यूपीपीएससी पीसीएस मुख्य परीक्षा में आठ प्रश्न पत्र होते हैं। यूपीपीएससी पीसीएस मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों को अंतिम योग्यता सूची तैयार करते समय ध्यान में रखा जाता है। इस खंड में यूपीपीएससी पीसीएस मुख्य परीक्षा का विस्तृत पाठ्यक्रम देखें।
UPPSC हिंदी विषय का पाठ्यक्रम
सामान्य हिन्दी
▪ दिए गए गद्य खण्ड का अवबोध एवं प्रश्नोत्तर।
▪ संक्षेपण।
▪ सरकारी एवं अर्ध सरकारी पत्र लेखन, तार लेखन, कार्यालय आदेश, प्रपत्र
▪ शब्द ज्ञान एवं प्रयोग
▪ उपसर्ग एवं प्रत्यय प्रयोग
▪ विलोम शब्द
▪ वाक्यांश के लिए एक शब्द
▪ वितरण एवं वाक्य शुद्धि
▪ नीतिवचन तथा उक्तियां।
निबंध लेखन के लिए यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम
प्रश्न पत्र में तीन खंड होंगे। उम्मीदवारों को प्रत्येक खंड से एक विषय पर 700 शब्दों में निबंध लिखना होगा। तीन खंडों में, निबंध के विषय निम्नलिखित क्षेत्रों पर आधारित होंगे:
खंड A: साहित्य एवं संस्कृति, सामाजिक क्षेत्र, राजनीतिक क्षेत्र।
खंड B: विज्ञान, पर्यावरण एवं प्रौद्योगिकी, आर्थिक क्षेत्र कृषि, उद्योग तथा व्यापार।
खंड C: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय घटनाएं, प्राकृतिक आपदाएँ, भूस्खलन, भूकंप, जलप्रलय, सूखा, इत्यादि। राष्ट्रीय विकास कार्यक्रम एवं परियोजनाएँ।
सामान्य अध्ययन पेपर 1 के लिए UPPSC मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम
भारतीय संस्कृति का इतिहास प्राचीन से आधुनिक काल तक कला रूपों, साहित्य एवं वास्तुकला के प्रमुख पहलुओं को कवर करेगा।
आधुनिक भारतीय इतिहास (1757 ई. से 1947 ई. तक): महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व एवं मुद्दे इत्यादि।
स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण तथा देश के विभिन्न हिस्सों से महत्वपूर्ण योगदानकर्ता/योगदान।
स्वतंत्रता के बाद देश के भीतर समेकन एवं पुनर्गठन (1965 ईस्वी तक)।
विश्व के इतिहास में 18वीं शताब्दी से 20वीं शताब्दी के मध्य तक की घटनाएं शामिल होंगी जैसे 1789 की फ्रांसीसी क्रांति, औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनर्निर्धारण, समाजवाद, नाजीवाद, फासीवाद इत्यादि-उनके रूप एवं समाज पर प्रभाव।
भारतीय समाज एवं संस्कृति की प्रमुख विशेषताएं।
समाज में महिलाओं की भूमिका एवं महिला संगठन, जनसंख्या तथा संबंधित मुद्दे, निर्धनता एवं विकासात्मक मुद्दे, शहरीकरण, उनकी समस्याएं एवं उनके उपाय।
उदारीकरण, निजीकरण एवं वैश्वीकरण का अर्थ तथा अर्थव्यवस्था, राजव्यवस्था एवं सामाजिक संरचना पर उनके प्रभाव।
सामाजिक सशक्तिकरण, सांप्रदायिकता, क्षेत्रवाद एवं धर्मनिरपेक्षता।
विश्व के प्रमुख प्राकृतिक संसाधनों का वितरण- भारत के विशेष संदर्भ में दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के संदर्भ में जल, मृदा, वन। उद्योगों की अवस्थिति के लिए उत्तरदायी कारक (भारत के विशेष संदर्भ में)।
भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएं- भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी गतिविधि, चक्रवात, समुद्री धाराएं, पवन तथा हिमनद।
भारत के महासागरीय संसाधन एवं उनकी क्षमता।
भारत पर ध्यान देने के साथ विश्व की मानव प्रवासन-शरणार्थी समस्या।
भारतीय उपमहाद्वीप के संदर्भ में सीमांत तथा सीमाएं।
जनसंख्या एवं बस्तियाँ- प्रकार एवं प्रतिरूप, शहरीकरण, स्मार्ट शहर तथा स्मार्ट गाँव।
सामान्य अध्ययन पेपर 2 के लिए UPPSC मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम
भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान एवं आधारिक संरचना, संविधान के मूलभूत प्रावधानों के विकास में सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका।
संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व: संघीय ढांचे से संबंधित मुद्दे एवं चुनौतियाँ, शक्तियों का हस्तांतरण तथा स्थानीय स्तर तक वित्त एवं उसमें चुनौतियाँ।
केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों में वित्त आयोग की भूमिका।
शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र एवं संस्थाएँ। वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र का उद्भव एवं उपयोग।
अन्य प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के साथ भारतीय संवैधानिक योजना की तुलना।
संसद एवं राज्य विधायिका- संरचना, कार्यप्रणाली, कार्य संचालन, शक्तियां एवं विशेषाधिकार तथा संबंधित मुद्दे।
कार्यपालिका एवं न्यायपालिका की संरचना, संगठन तथा कार्यप्रणाली: सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, दबाव समूह एवं औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा राजनीति में उनकी भूमिका। जनहित याचिका (पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन/पीआईएल)।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं।
विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति, शक्तियां, कार्य एवं उनके उत्तरदायित्व।
नीति आयोग सहित वैधानिक, नियामक एवं विभिन्न अर्ध-न्यायिक निकाय, उनकी विशेषताएं तथा कार्य।
सरकार की नीतियां एवं विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए अंतःक्षेप तथा उनकी अभिकल्पना एवं कार्यान्वयन एवं सूचना संचार प्रौद्योगिकी (इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी/आईसीटी) से उत्पन्न होने वाले मुद्दे।
विकास प्रक्रियाएं- गैर-सरकारी संगठनों (नॉन गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशंस/एनजीओ), स्वयं सहायता समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप्स/एसएचजी), विभिन्न समूहों एवं संघों, दाताओं, दान, संस्थागत तथा अन्य हितधारकों की भूमिका।
केंद्र एवं राज्यों द्वारा आबादी के कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं एवं इन कमजोर वर्गों की सुरक्षा तथा बेहतरी के लिए गठित इन योजनाओं, तंत्रों, कानूनों, संस्थानों एवं निकायों का प्रदर्शन।
स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधन से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास एवं प्रबंधन से संबंधित मुद्दे।
निर्धनता एवं भुखमरी से संबंधित मुद्दे, शारीरिक व्यवस्था पर उनका प्रभाव।
शासन के महत्वपूर्ण पहलू। पारदर्शिता एवं जवाबदेही, ई-गवर्नेंस अनुप्रयोग, प्रतिमान, सफलताएं, सीमाएं एवं संभावनाएं, नागरिक, चार्टर तथा संस्थागत उपाय।
उदीयमान प्रवृत्तियों के संदर्भ में लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका।
भारत एवं पड़ोसी देशों के साथ इसके संबंध।
द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह तथा भारत से जुड़े एवं/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समझौते।
भारत के हितों पर विकसित एवं विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव- भारतीय प्रवासी।
महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, एजेंसियां, उनकी संरचना, अधिदेश एवं कार्यप्रणाली।
राजनीतिक, प्रशासनिक, राजस्व एवं न्यायिक प्रणाली के संबंध में उत्तर प्रदेश का विशिष्ट ज्ञान
क्षेत्रीय, राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिकी एवं घटनाएं।
सामान्य अध्ययन पेपर 3 के लिए UPPSC मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम
भारत में आर्थिक नियोजन, उद्देश्य एवं उपलब्धियाँ। नीति आयोग की भूमिका, सतत विकास लक्ष्यों (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स/एसडीजी) की खोज।
निर्धनता, बेरोजगारी, सामाजिक न्याय एवं समावेशी विकास के मुद्दे।
सरकारी बजट एवं वित्तीय प्रणाली के घटक।
प्रमुख फसलें, विभिन्न प्रकार की सिंचाई एवं सिंचाई प्रणाली, कृषि उपज का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, किसानों की सहायता में ई-तकनीक।
प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सब्सिडी तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित मुद्दे, सार्वजनिक वितरण प्रणाली-उद्देश्य, कार्यप्रणाली, सीमाएं, सुधार, बफर स्टॉक एवं खाद्य सुरक्षा के मुद्दे, कृषि में प्रौद्योगिकी मिशन।
भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग- कार्यक्षेत्र तथा महत्व, स्थान, ऊर्ध्व प्रवाह एवं अधो प्रवाह (अपस्ट्रीम एंड डाउनस्ट्रीम) आवश्यकताएं, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन।
स्वतंत्रता के पश्चात से भारत में भूमि सुधार।
अर्थव्यवस्था पर उदारीकरण एवं वैश्वीकरण के प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर उनके प्रभाव।
आधारिक अवसंरचना: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़कें, हवाई अड्डे, रेलवे इत्यादि।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी-विकास तथा दैनिक जीवन में एवं राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति में अनुप्रयोग ।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां, प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण। नवीन प्रौद्योगिकियों का विकास, प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण, द्वैध एवं महत्वपूर्ण उपयोग वाली प्रौद्योगिकियां।
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (इनफॉरमेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी/आईसीटी) एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर, ऊर्जा संसाधन, नैनो प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जागरूकता। बौद्धिक संपदा अधिकारों (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स/आईपीआर) एवं डिजिटल अधिकारों से संबंधित मुद्दे।
पर्यावरण सुरक्षा एवं पारिस्थितिकी तंत्र, वन्य जीवन का संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरण प्रदूषण एवं क्षरण, पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन,
एक गैर-पारंपरिक सुरक्षा एवं संरक्षा चुनौती के रूप में आपदा, आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन।
अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां: परमाणु प्रसार के मुद्दे, उग्रवाद के कारण एवं प्रसार, संचार नेटवर्क, मीडिया की भूमिका एवं सामाजिक नेटवर्किंग, साइबर सुरक्षा की मूल बातें, धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) एवं मानव दुर्व्यापार।
भारत की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों: आतंकवाद, भ्रष्टाचार, उग्रवाद एवं संगठित अपराध।
सुरक्षा बलों की भूमिका, प्रकार तथा अधिदेश, भारत में उच्च रक्षा संगठन
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का विशिष्ट ज्ञान:- उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का अवलोकन: राज्य के बजट। कृषि, उद्योग, आधारभूत संरचना एवं भौतिक संसाधनों का महत्व। मानव संसाधन एवं कौशल विकास। सरकारी कार्यक्रम तथा कल्याणकारी योजनाएं।
कृषि, बागवानी, वानिकी एवं पशुपालन में मुद्दे।
उत्तर प्रदेश के विशेष संदर्भ में विधि एवं व्यवस्था तथा नागरिक सुरक्षा।
सामान्य अध्ययन पेपर 4 के लिए UPPSC मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम
नैतिकता एवं मानव अंतरापृष्ठ (इंटरफ़ेस): मानव क्रिया में नैतिकता का सार, निर्धारक एवं परिणाम, नैतिकता के आयाम, निजी एवं सार्वजनिक संबंधों में नैतिकता। मानव मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों तथा प्रशासकों के जीवन एवं शिक्षाओं से सबक, मूल्यों को विकसित करने में परिवार, समाज एवं शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका।
दृष्टिकोण: सामग्री, संरचना, कार्य, इसका प्रभाव एवं विचार तथा व्यवहार के साथ संबंध, नैतिक एवं राजनीतिक दृष्टिकोण, सामाजिक प्रभाव एवं धारणाएं।
सिविल सेवा के लिए अभियोग्यता एवं मूलभूत मूल्य, अखंडता, निष्पक्षता तथा गैर-पक्षपात, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवाओं के प्रति समर्पण, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता एवं करुणा।
भावनात्मक बुद्धिमत्ता- अवधारणा एवं आयाम, प्रशासन तथा शासन में इसकी उपयोगिता एवं अनुप्रयोग।
भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों एवं दार्शनिकों का योगदान।
लोक प्रशासन में सार्वजनिक/सिविल सेवा मूल्य एवं नैतिकता: स्थिति एवं समस्याएं, सरकारी एवं निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएं तथा दुविधाएं, नैतिक मार्गदर्शन, जवाबदेही एवं नैतिक शासन के स्रोत के रूप में कानून, नियम, विनियम एवं अंतः करण, शासन में नैतिक मूल्यों को मजबूत करना, अंतरराष्ट्रीय संबंधों एवं वित्त पोषण में नैतिक मुद्दे, कॉर्पोरेट प्रशासन।
शासन में सत्यनिष्ठा: लोक सेवा की अवधारणा, शासन का दार्शनिक आधार एवं सत्यनिष्ठा, सूचनाओं का आदान-प्रदान तथा सरकार में पारदर्शिता। सूचना का अधिकार, आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक चार्टर, कार्य संस्कृति, सेवा वितरण की गुणवत्ता, सार्वजनिक धन का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियां।
उपरोक्त मुद्दों पर केस स्टडी।
सामान्य अध्ययन -V पेपर एवं सामान्य अध्ययन -VI पेपर के लिए UPPSC मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम
सरकार ने UPPSC पाठ्यक्रम से UPPSC वैकल्पिक विषय को हटाने तथा उनके स्थान पर सामान्य अध्ययन के दो नए पेपर लाने का फैसला किया है। सामान्य अध्ययन के इन दो पत्रों के पाठ्यक्रम को अभी आयोग द्वारा स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना है। ऐसा माना जाता है कि सामान्य अध्ययन के इन प्रश्न पत्रों में पाठ्यक्रम के रूप में राज्य विशिष्ट विषय होंगे। जैसे ही आयोग इन दो नए जोड़े गए सामान्य अध्ययन के प्रश्न पत्रों के पाठ्यक्रम को परिभाषित करेगा, हम आपको सूचित करेंगे।
UPPSC साक्षात्कार परीक्षा पैटर्न
UPPSC मेन्स परीक्षा में अर्हता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को UPPSC साक्षात्कार परीक्षा (personality test) के लिए आमंत्रित किया जाता है। UPPSC पीसीएस साक्षात्कार परीक्षा में, साक्षात्कार लेने वाले पैनलिस्ट आम तौर पर वर्तमान घटनाओं, वैकल्पिक विषयों, स्नातक विषयों, गृह जिले एवं व्यक्ति के हितों तथा रुचि से संबंधित प्रश्न पूछते हैं। अतः UPPSC साक्षात्कार मूल रूप से एक उम्मीदवार के व्यक्तित्व को समझ रहा है कथा यह निर्धारित कर रहा है कि क्या वे समग्र राज्य सिविल सेवाओं के लोकाचार एवं मूल्यों में फिट बैठते हैं।
उम्मीद करते है कि हमारी यह जानकारी आपके लिये अति महत्तवपूर्ण होगी . अधिक जानकारी के किये अथवा आपके अपने कोई सुझाव हो तो आप हमें Mail कर सकते है अथवा Comment Box में लिख सकते है .
Comments
Post a Comment